Delhi- Mumbai Expressway पर हेलीकॉप्टर सेवा शुरू, Emergency में बचेगी जान, Tourism को मिलेगा बढ़ावा
हेलीकॉप्टर सेवा को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के दौरान घायलों को त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान करना है। आमतौर पर एक्सप्रेसवे पर एम्बुलेंस को दुर्घटनास्थल तक पहुँचने में समय लगता है, लेकिन यह हेलीकॉप्टर सेवा घायलों को तुरंत एयरलिफ्ट करके 'गोल्डन आवर' (उपचार का सबसे महत्वपूर्ण समय) के भीतर अस्पताल पहुँचाने में मदद करेगी।

Delhi- Mumbai Expressway : देश के सबसे व्यस्त एक्सप्रेस-वे में शुमार दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर अब सड़क हादसों के पीड़ितों को ‘गोल्डन आवर’ के भीतर उपचार देने के लिए हेलीकॉप्टर एयरलिफ्ट सेवा शुरू कर दी गई है। यह सुविधा न केवल गंभीर घायलों के लिए जीवनरक्षक साबित होगी, बल्कि यह क्षेत्र के पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर यात्रियों को अब सड़कों पर ट्रैफिक जाम से मुक्त, हवा में उड़ने वाली आधुनिक सुविधा मिलने लगी है। राजस्थान के अलवर जिले में, पिनान रेस्ट एरिया के पास 125 किलोमीटर के स्ट्रेच पर बने हेलीपैड से इस नई सेवा का संचालन शुरू किया गया है।
हेलीकॉप्टर सेवा को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के दौरान घायलों को त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान करना है। आमतौर पर एक्सप्रेसवे पर एम्बुलेंस को दुर्घटनास्थल तक पहुँचने में समय लगता है, लेकिन यह हेलीकॉप्टर सेवा घायलों को तुरंत एयरलिफ्ट करके ‘गोल्डन आवर’ (उपचार का सबसे महत्वपूर्ण समय) के भीतर अस्पताल पहुँचाने में मदद करेगी।
सेवा का संचालन कर रही ‘कंपनी के अनुसार, यह सुविधा दुर्घटना की स्थिति में समय की बचत करते हुए कई अनमोल जानें बचाने में सहायक होगी। यह एक्सप्रेसवे पर सुरक्षित और तेज परिवहन का एक अभिनव विकल्प पेश करती है।
इस सेवा का दूसरा चरण जल्द ही राजस्थान पर्यटन विभाग के सहयोग से शुरू किया जाएगा, जिसका लक्ष्य पर्यटन को बढ़ावा देना है।
दूसरे चरण में, यात्रियों के लिए हवाई सैर (जॉय राइड) और एरियल टूर की व्यवस्था की जाएगी। पर्यटक हवा से सरिस्का वन्यजीव अभ्यारण्य, अरावली पर्वतमाला की सुंदरता और क्षेत्र के प्रमुख ऐतिहासिक दर्शनीय स्थलों का अद्भुत नज़ारा देख सकेंगे। यह कदम राजस्थान में हेलीकॉप्टर पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय पर्यटन उद्योग के लिए राजस्व के नए द्वार खोलेगा।
पिनान रेस्ट एरिया में बनाया गया हेलीपैड अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। इसकी क्षमता एक साथ आठ हेलीकॉप्टरों को पार्क करने की है। रात में भी उड़ान संचालन की सुविधा के लिए यहाँ हाई इंटेंसिटी लाइट्स और पायलटों के लिए उन्नत नेविगेशन प्रणाली उपलब्ध है। यात्रियों की सुविधा के लिए वेटिंग लाउंज और आपात स्थितियों से निपटने के लिए एक समर्पित कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है।
फिलहाल, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कुल आठ स्थानों पर हेलीपैड बनाए जाने की योजना है, लेकिन यह सेवा पहली बार अलवर जिले के पिनान में शुरू की गई है, जिसे चरणबद्ध तरीके से अन्य रेस्ट एरिया में भी विस्तारित किया जाएगा। यह एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा की दिशा में एक बड़ा कदम है।